निताइ- गौर राधा कृष्ण भक्ति का मूल

  • निताइ – यह एक नाम ही गौर राधा कृष्ण भक्ति के वृक्ष का मूल है | इस नाम का जितना वायुलेखन एवं कीर्तन करोगे उतना ही इस भक्ति वृक्ष को पोषण मिलेगा |
  • निताइ की दया का प्रभाव कुछ ऐसा है कि एक क्षण पहले जो प्रभु की दृष्टि में घोर पापी और अपराधी था, अगले ही क्षण वह प्रभु गौर कृष्ण का दुलारा बन जाता है ।
  • जिसके भाग्य में प्रभु का सुदर्शन लिखा है निताइ उसके भाग्य में प्रभु का आलिंगन लिख देते हैं । वाह! क्या दया है!
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Published by

Nitaimani das

Preacher of Nitainam Dhyan, Spiritual Author, and disciple of B.S. Nitaipreshthji

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